’नियुक्ती’ शब्द का शुद्ध रूप है?
'नियुक्ति' शब्द में 'त' के नीचे 'इ' की मात्रा हस्व (छोटी) होती है। यह संस्कृत की 'युज्' धातु से बना मानक शब्द है।
निम्नांकित वाक्यों में से कौन-सा वाक्य शुद्ध है?
'समूल' का अर्थ ही 'जड़ सहित' होता है, इसलिए इसके साथ 'सहित' शब्द का प्रयोग पुनरुक्ति दोष पैदा करता है।
व्याकरण की दृष्टि से कौनसा वाक्य शुद्ध नहीं है?
इस वाक्य में 'सदैव' के साथ 'ही' का प्रयोग अनावश्यक (निपात संबंधी अशुद्धि) है, क्योंकि 'सदैव' में 'ही' का अर्थ पहले से शामिल है (सदा + एव)।
वर्तनी की दृष्टि से कौनसा शब्द सही है?
'अनुगृहीत' वर्तनी की दृष्टि से सही है। अन्य के शुद्ध रूपः सामग्री, प्रदर्शनी (इनी नहीं आता) और तृतीय (बड़ी ई की मात्रा) होते हैं।
निम्न में से शुद्ध शब्द है?
'अभिजात्य' शुद्ध शब्द है। अन्य का शुद्ध रूपः आध्यात्मिक (आदि स्वर वृद्धि), हथिनी (इनी प्रत्यय) और पुनरवलोकन (संधि नियम से 'अ' आता है) होगा।
व्याकरण की दृष्टि से शुद्ध वाक्य है?
महिला के लिए 'विदुषी' विशेषण का प्रयोग व्याकरणिक रूप से सही है। अन्य वाक्यों में पुरस्कार प्रदान करना, जूता निकालना और योग्यता पर गर्व होना सही शब्द चयन होता।
किस विकल्प में सभी शब्द अशुद्ध हैं?
इस विकल्प के दोनों शब्द अशुद्ध हैं; इनका शुद्ध रूप पदोन्नति (गुण संधि) और बेचैन होता है। अन्य विकल्पों में कम से कम एक शब्द शुद्ध है।
किस विकल्प के सभी शब्द शुद्ध हैं?
'दिवारात्र', 'शैथिल्य' और 'कौन्तेय' शुद्ध हैं। विकल्प (1) में उच्छास, (2) में अन्तर्राष्ट्रीय की वर्तनी और (4) में मितव्ययिता अशुद्ध होने के कारण ये गलत हैं।
किस विकल्प में कोई भी शब्द अशुद्ध नहीं है?
इस विकल्प के सभी शब्द सर्वोपरि (सबसे ऊपर), प्रज्वलित (जला हुआ) और पैतृक (पिता से प्राप्त) अपनी मानक वर्तनी में सही लिखे गए हैं।
किस विकल्प में सभी शब्द शुद्ध हैं?
'हतोत्साह' और 'धनाढ्य' दोनों शब्द पूर्णतः शुद्ध हैं। विकल्प (1) में सान्निध्य, (3) में तादात्म्य और (4) में भावनिष्ठ अशुद्ध वर्तनी के कारण गलत हैं।


